मुख्य पृष्ठ शास्त्र परिचय ऐप इंस्टॉल करें
जाबाल दर्शन • अध्याय 4 • श्लोक 18
पूर्वभागे सुषुम्नाया राकायाः संस्थिता कुरुः । अधश्चोर्ध्वं स्थिता नाडी याम्यनासान्तमिष्यते ॥
सुषुम्ना का द्वितीय नाम 'राका' है, उसके पूर्वी क्षेत्र में 'कुडू' नाम की नाड़ी है। यह नाड़ी ऊर्ध्वं एवं अप: दोनों और प्रतिष्ठित है। इसकी स्थिति दाहिनी नासिका तक कही गयी है।
पूरा ग्रंथ पढ़ें
जाबाल दर्शन के सभी अध्याय और श्लोकों को उनके अर्थ और व्याख्या सहित पढ़ने के लिए Krishjan ऐप इंस्टॉल करें। ऐप में आपको संरचित अध्याय, आसान नेविगेशन और ऑफलाइन पढ़ने की सुविधा मिलती है।

सभी अध्याय उपलब्ध

जाबाल दर्शन के 18 अध्याय और सभी श्लोक एक ही स्थान पर।

सरल अर्थ

प्रत्येक श्लोक के साथ स्पष्ट हिंदी अनुवाद।

ऑफलाइन पढ़ें

इंटरनेट के बिना भी ग्रंथ पढ़ें।
Krishjan
धर्म का अन्वेषण
ऐप इंस्टॉल करें