गान्धारायाः सरस्वत्या मध्ये प्रोक्ता च शङ्खिनी। अलम्बुसा स्थिता पायुपर्यन्तं कन्दमध्यगा ॥
'शङ्खिनी' का स्थान गान्धारी और सरस्वती के बीच में है। 'अलम्बुसा' नाभिकन्द के मध्य भाग से होती हुई गुदा तक व्यात है।
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