हे मुनीश्वर! नाभि-कन्द से दो अंगुल नीचे कुण्डलिनी स्थित है। इसको अष्टप्रकृति रूपा (पृथ्वी, जल, तेज, वायु, आकाश, मन, बुद्धि और अहंकारयुक्त) कहा गया है।
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