स्वस्तिकं गोमुखं पदां वीरसिंहासने तथा । भद्रं मुक्तासनं चैव मयूरासनमेव च ॥
हे मुनिश्रेष्ठ! आसन नौ प्रकार के कहे गये हैं - स्वस्तिक आसन, गोमुख आसन, पद्मासन, वीरासन, सिंहासन, मुक्तासन, भद्रासन, मयूरासन तथा सुखासन।
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