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जाबाल दर्शन • अध्याय 2 • श्लोक 1
तपः संतोषमास्तिक्यं दानमीश्वरपूजनम्। सिद्धान्तश्रवणं चैव हीर्मतिश्च जपो व्रतम् ॥
तप, संतोष, आस्तिकता, दान, ईश्वर की पूजा, लजा, जप, मति, व्रत एवं सिद्धान्त श्रवण करना - ये दस नियम बताये गये हैं।
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