मुख्य पृष्ठ शास्त्र परिचय ऐप इंस्टॉल करें
ईश • अध्याय 1 • श्लोक 5
तदेजति तन्नैजति तद् दूरे तद्वन्तिके। तदन्तरस्य सर्वस्य तदु सर्वस्यास्य बाह्यतः ॥
वह चलता भी है और नहीं भी चलता; वह दूर भी है और निकट भी है। वह समस्त जगत् के भीतर भी है और समस्त जगत् के बाहर भी है।
पूरा ग्रंथ पढ़ें
ईश के सभी अध्याय और श्लोकों को उनके अर्थ और व्याख्या सहित पढ़ने के लिए Krishjan ऐप इंस्टॉल करें। ऐप में आपको संरचित अध्याय, आसान नेविगेशन और ऑफलाइन पढ़ने की सुविधा मिलती है।

सभी अध्याय उपलब्ध

ईश के 18 अध्याय और सभी श्लोक एक ही स्थान पर।

सरल अर्थ

प्रत्येक श्लोक के साथ स्पष्ट हिंदी अनुवाद।

ऑफलाइन पढ़ें

इंटरनेट के बिना भी ग्रंथ पढ़ें।
Krishjan
धर्म का अन्वेषण
ऐप इंस्टॉल करें