अग्ने नय सुपथा राये अस्मान् विश्वानि देव वयुनानि विद्वान्।
युयोध्यस्मज्जुहुराणमेनो भूयिष्ठां ते नमउक्तिं विधेम ॥
हे अग्ने(हे देव, हे ज्ञानस्वरूप परमात्मा)! आप समस्त मार्गों को जानने वाले हैं; अतः हमें कल्याणकारी मार्ग से परम ऐश्वर्य(मोक्षरूप धन) की ओर ले चलिए। हमारे भीतर स्थित कुटिल पापों को दूर कर दीजिए।
हम आपको बार-बार नमस्कारपूर्वक वन्दना अर्पित करते हैं।
पूरा ग्रंथ पढ़ें
ईश के सभी अध्याय और श्लोकों को उनके अर्थ और व्याख्या सहित पढ़ने के लिए Krishjan ऐप इंस्टॉल करें। ऐप में आपको संरचित अध्याय, आसान नेविगेशन और ऑफलाइन पढ़ने की सुविधा मिलती है।