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हितोपदेश • अध्याय 5 • श्लोक 80
आपातरमणीयानां संयोगानां प्रियैः सह । अपथ्यानामिवान्नानां परिणामोऽतिदारुणः ॥
प्रिय व्यक्तियों के साथ संबंध का परिणाम, जो केवल शुरुआत में (या, पहली नजर में) सुखद होता है, अस्वास्थ्यकर भोजन के समान, अत्यधिक भयानक होता है।
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