मुख्य पृष्ठ शास्त्र परिचय ऐप इंस्टॉल करें
हितोपदेश • अध्याय 5 • श्लोक 29
धार्मिकस्याभियुक्तस्य सर्व एव हि युध्यते । प्रजानुरागाद्धर्माच्च दुःखोच्छेद्यो हि धार्मिकः ॥
यदि धर्मात्मा राजा पर आक्रमण हो तो हर कोई लड़ेगा; जो धर्मात्मा है, उसे अपनी प्रजा के प्रति प्रेम और कर्तव्यपरायणता (न्यायपूर्ण आचरण) के कारण उखाड़ना कठिन है।
पूरा ग्रंथ पढ़ें
हितोपदेश के सभी अध्याय और श्लोकों को उनके अर्थ और व्याख्या सहित पढ़ने के लिए Krishjan ऐप इंस्टॉल करें। ऐप में आपको संरचित अध्याय, आसान नेविगेशन और ऑफलाइन पढ़ने की सुविधा मिलती है।

सभी अध्याय उपलब्ध

हितोपदेश के 18 अध्याय और सभी श्लोक एक ही स्थान पर।

सरल अर्थ

प्रत्येक श्लोक के साथ स्पष्ट हिंदी अनुवाद।

ऑफलाइन पढ़ें

इंटरनेट के बिना भी ग्रंथ पढ़ें।
Krishjan
धर्म का अन्वेषण
ऐप इंस्टॉल करें