काळेवंशसमुत्पन्नेन रामचंद्रसूनुना मोरेश्वरेण कृता
मर्मप्रकाशिका नाम हितोपदेशव्याख्या समाप्ता ।
शुभं भूयादध्यापकानामध्येतॄणां च ।
यह काले वंश के रामचन्द्र के पुत्र भगवान मोरेश्वर द्वारा किया गया था।
यह हितोपदेश की संपूर्ण व्याख्या है, जिसे मर्मप्रकाशिका कहा जाता है।
शिक्षकों और मध्यस्थों के लिए यह शुभ रहेगा।
पूरा ग्रंथ पढ़ें
हितोपदेश के सभी अध्याय और श्लोकों को उनके अर्थ और व्याख्या सहित पढ़ने के लिए Krishjan ऐप इंस्टॉल करें। ऐप में आपको संरचित अध्याय, आसान नेविगेशन और ऑफलाइन पढ़ने की सुविधा मिलती है।
सभी अध्याय उपलब्ध
हितोपदेश के 18 अध्याय और सभी श्लोक एक ही स्थान पर।