तो फिर मेरी राय के अनुसार वही (अच्छे का साथ) ही करने दो। क्योंकि, यदि एक हजार अश्व-यज्ञ और सत्य को (एक-दूसरे के विरुद्ध) तौला जाए, तो सत्य एक हजार अश्वमेधों से अधिक भारी होगा।
पूरा ग्रंथ पढ़ें
हितोपदेश के सभी अध्याय और श्लोकों को उनके अर्थ और व्याख्या सहित पढ़ने के लिए Krishjan ऐप इंस्टॉल करें। ऐप में आपको संरचित अध्याय, आसान नेविगेशन और ऑफलाइन पढ़ने की सुविधा मिलती है।
सभी अध्याय उपलब्ध
हितोपदेश के 18 अध्याय और सभी श्लोक एक ही स्थान पर।