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हितोपदेश • अध्याय 5 • श्लोक 120
मयास्योपकृतं पूर्वमयं प्रतिकरिष्यति । इति यः क्रियते संधिः प्रतीकारः स उच्यते ॥
मैंने उस पर उपकार किया है। वह इसे चुका देगा। इस सिद्धांत पर जो गठबंधन बनता है उसे प्रतिकार कहा जाता है।
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