अदृष्टनर आदिष्ट आत्मादिष्ट उपग्रहः ।
परिक्रयस्तथोच्छन्नस्तथा च परभूषणः ॥
अदृष्टनार, अधिष्ठा, आत्मदिष्ट, उपग्रह, परिक्रय, उच्चान्न, पराभूषण और स्कंधोपनेय
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