मनुष्य को उद्देश्य की ईमानदारी (भावना की ईमानदारी) से मित्र को, उसके रिश्तेदारों को तत्पर स्वागत से, उसकी पत्नी और नौकरों को उपहार और सम्मानपूर्ण व्यवहार से, और अन्य लोगों को विनम्र व्यवहार से प्राप्त करना चाहिए।
पूरा ग्रंथ पढ़ें
हितोपदेश के सभी अध्याय और श्लोकों को उनके अर्थ और व्याख्या सहित पढ़ने के लिए Krishjan ऐप इंस्टॉल करें। ऐप में आपको संरचित अध्याय, आसान नेविगेशन और ऑफलाइन पढ़ने की सुविधा मिलती है।
सभी अध्याय उपलब्ध
हितोपदेश के 18 अध्याय और सभी श्लोक एक ही स्थान पर।