अप्रसादोऽनधिष्ठानं देयांशहरणं च यत् ।
कालयापोऽप्रतीकारस्तद्वैराग्यस्य कारणम् ॥
उपकार न करना, सम्मानजनक पद न मिलना (नेतृत्व न करना), किसी के कारण देय भाग छीन लेना, विलंब (भुगतान या उन्नति में) और प्रतिकार न करना (अथवा गलतियों का निवारण न करना) - ये सैनिकों के असंतोष के कारण हैं।
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