मुख्य पृष्ठ शास्त्र परिचय ऐप इंस्टॉल करें
हितोपदेश • अध्याय 4 • श्लोक 128
अपरं च । सुभटाः शीलसम्पन्नाः संहताः कृतनिश्चयाः । अपि पञ्चशतं शूरा मृद्नन्ति रिपुवाहिनीम् ॥
इसके अलावा, उत्कृष्ट चरित्र वाले, एकजुट, दृढ़ और बहादुर पांच सौ अच्छे योद्धा भी दुश्मन की पूरी सेना को परास्त कर सकते हैं।
पूरा ग्रंथ पढ़ें
हितोपदेश के सभी अध्याय और श्लोकों को उनके अर्थ और व्याख्या सहित पढ़ने के लिए Krishjan ऐप इंस्टॉल करें। ऐप में आपको संरचित अध्याय, आसान नेविगेशन और ऑफलाइन पढ़ने की सुविधा मिलती है।

सभी अध्याय उपलब्ध

हितोपदेश के 18 अध्याय और सभी श्लोक एक ही स्थान पर।

सरल अर्थ

प्रत्येक श्लोक के साथ स्पष्ट हिंदी अनुवाद।

ऑफलाइन पढ़ें

इंटरनेट के बिना भी ग्रंथ पढ़ें।
Krishjan
धर्म का अन्वेषण
ऐप इंस्टॉल करें