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हितोपदेश • अध्याय 4 • श्लोक 110
पङ्कपांशुजलाच्छन्नं सुव्यस्तं दस्युविद्रुतम् । एवम्भूतं महीपालः परसैन्यं विघातयेत् ॥
राजा को चाहिए कि वह आक्रमण के भय से (पूरी रात) जागते रहने के कारण दिन में सोती हुई (शत्रु की सेना को) नष्ट कर दे, जिससे उसके सैनिक नींद के वशीभूत हो जायें।
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