मुख्य पृष्ठ शास्त्र परिचय ऐप इंस्टॉल करें
हितोपदेश • अध्याय 4 • श्लोक 104
वैद्यो गुरुश्च मन्त्री च यस्य राज्ञः प्रियंवदाः । शरीरधर्मकोशेभ्यः क्षिप्रं स परिहीयते ॥
जिस राजा का चिकित्सक, आध्यात्मिक मार्गदर्शक और मंत्री चापलूस होते हैं, वह तेजी से अपना स्वास्थ्य, अपनी धार्मिक योग्यता और खजाना खो देता है।
पूरा ग्रंथ पढ़ें
हितोपदेश के सभी अध्याय और श्लोकों को उनके अर्थ और व्याख्या सहित पढ़ने के लिए Krishjan ऐप इंस्टॉल करें। ऐप में आपको संरचित अध्याय, आसान नेविगेशन और ऑफलाइन पढ़ने की सुविधा मिलती है।

सभी अध्याय उपलब्ध

हितोपदेश के 18 अध्याय और सभी श्लोक एक ही स्थान पर।

सरल अर्थ

प्रत्येक श्लोक के साथ स्पष्ट हिंदी अनुवाद।

ऑफलाइन पढ़ें

इंटरनेट के बिना भी ग्रंथ पढ़ें।
Krishjan
धर्म का अन्वेषण
ऐप इंस्टॉल करें