मुख्य पृष्ठ शास्त्र परिचय ऐप इंस्टॉल करें
हितोपदेश • अध्याय 3 • श्लोक 78
अपरं च । जनं जनपदा नित्यमर्चयन्ति नृपार्चितम् । नृपेणावमतो यस्तु स सर्वैरवमन्यते ॥
इसके अलावा, राजा द्वारा सम्मानित व्यक्ति का लोग हमेशा सम्मान करते हैं, लेकिन जो राजा द्वारा तुच्छ जाना जाता है, उसे सभी लोग तुच्छ समझते हैं।
पूरा ग्रंथ पढ़ें
हितोपदेश के सभी अध्याय और श्लोकों को उनके अर्थ और व्याख्या सहित पढ़ने के लिए Krishjan ऐप इंस्टॉल करें। ऐप में आपको संरचित अध्याय, आसान नेविगेशन और ऑफलाइन पढ़ने की सुविधा मिलती है।

सभी अध्याय उपलब्ध

हितोपदेश के 18 अध्याय और सभी श्लोक एक ही स्थान पर।

सरल अर्थ

प्रत्येक श्लोक के साथ स्पष्ट हिंदी अनुवाद।

ऑफलाइन पढ़ें

इंटरनेट के बिना भी ग्रंथ पढ़ें।
Krishjan
धर्म का अन्वेषण
ऐप इंस्टॉल करें