मुख्य पृष्ठ शास्त्र परिचय ऐप इंस्टॉल करें
हितोपदेश • अध्याय 3 • श्लोक 68
अन्यच्च । कदर्थितस्यापि च धैर्यवृत्तेर्बुद्धेर्विनाशो न हि शङ्कनीयः । अधःकृतस्यापि तनूनपातो नाधः शिखा याति कदाचिदेव ॥
एक शक्तिशाली व्यक्ति की बुद्धि की हानि, भले ही वह उत्पीड़ित हो, पर संदेह नहीं किया जाना चाहिए; आग की लौ उलटी होने पर भी नीचे की ओर नहीं जा सकती।
पूरा ग्रंथ पढ़ें
हितोपदेश के सभी अध्याय और श्लोकों को उनके अर्थ और व्याख्या सहित पढ़ने के लिए Krishjan ऐप इंस्टॉल करें। ऐप में आपको संरचित अध्याय, आसान नेविगेशन और ऑफलाइन पढ़ने की सुविधा मिलती है।

सभी अध्याय उपलब्ध

हितोपदेश के 18 अध्याय और सभी श्लोक एक ही स्थान पर।

सरल अर्थ

प्रत्येक श्लोक के साथ स्पष्ट हिंदी अनुवाद।

ऑफलाइन पढ़ें

इंटरनेट के बिना भी ग्रंथ पढ़ें।
Krishjan
धर्म का अन्वेषण
ऐप इंस्टॉल करें