सेवा न करने पर भी आसक्ति रखना, मीठी वाणी बोलकर दान देना और गलती होने पर भी अपने गुणों पर ध्यान देना - ये अच्छी तरह से आसक्त स्वामी के लक्षण हैं।
पूरा ग्रंथ पढ़ें
हितोपदेश के सभी अध्याय और श्लोकों को उनके अर्थ और व्याख्या सहित पढ़ने के लिए Krishjan ऐप इंस्टॉल करें। ऐप में आपको संरचित अध्याय, आसान नेविगेशन और ऑफलाइन पढ़ने की सुविधा मिलती है।
सभी अध्याय उपलब्ध
हितोपदेश के 18 अध्याय और सभी श्लोक एक ही स्थान पर।