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हितोपदेश • अध्याय 3 • श्लोक 30
करटको ब्रूते -- तथापि किमनेनास्माकं व्यापारेण । यतोऽव्यापारेषु व्यापारः सर्वथा परिहरणीयः । पश्य । अव्यापारेषु व्यापारं यो नरः कर्तुमिच्छति । स भूमौ निहतः शेते कीलोत्पाटीव वानरः ॥
करटक ने उत्तर दिया - फिर भी हमें इस प्रसंग से क्या लेना-देना? क्योंकि, किसी को हर तरह से उन मामलों में हस्तक्षेप करने से बचना चाहिए जिनसे उसका कोई लेना-देना नहीं है। देखिये, जो व्यक्ति ऐसे मामलों में दखल देना चाहता है जो उसके काम का नहीं है, वह कील उखाड़ने वाले बंदर की तरह जमीन पर मरा हुआ पड़ा है।
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