इसके अलावा, इस संसार में कल्याण की इच्छा रखने वाले मनुष्य को इन छह दोषों से बचना चाहिए; अर्थात्, तंद्रा, आलस्य, कायरता, क्रोध, निष्क्रियता और शिथिलता।
पूरा ग्रंथ पढ़ें
हितोपदेश के सभी अध्याय और श्लोकों को उनके अर्थ और व्याख्या सहित पढ़ने के लिए Krishjan ऐप इंस्टॉल करें। ऐप में आपको संरचित अध्याय, आसान नेविगेशन और ऑफलाइन पढ़ने की सुविधा मिलती है।
सभी अध्याय उपलब्ध
हितोपदेश के 18 अध्याय और सभी श्लोक एक ही स्थान पर।