अपनी निन्दा सुनकर चित्रग्रीव ने कहा - इसमें उसका कोई दोष नहीं है। क्योंकि, आने वाले दुर्भाग्य का कारण मित्र भी बन जाता है। जब बछड़े को नीचे बांधना हो तो मां का पैर चौकी का काम करता है।
पूरा ग्रंथ पढ़ें
हितोपदेश के सभी अध्याय और श्लोकों को उनके अर्थ और व्याख्या सहित पढ़ने के लिए Krishjan ऐप इंस्टॉल करें। ऐप में आपको संरचित अध्याय, आसान नेविगेशन और ऑफलाइन पढ़ने की सुविधा मिलती है।
सभी अध्याय उपलब्ध
हितोपदेश के 18 अध्याय और सभी श्लोक एक ही स्थान पर।