न सा भार्येति वक्तव्या यस्यां भर्ता न तुष्यति ।
तुष्टे भर्तरि नारीणां संतुष्टाः सर्व्देवताः ॥
जिस स्त्री से पति प्रसन्न न हो, उसे पत्नी नहीं कहना चाहिए। जब पति प्रसन्न होता है तो सभी देवता स्त्रियों से प्रसन्न होते हैं।
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