इसलिए, आपके माननीय को यहां ऐसे रहना चाहिए जैसे कि आप अपने घर में हों (अपने आप को यहां बिल्कुल घर जैसा बनाएं)। यह सुनकर हिरण प्रसन्न हो गया और मजे से भोजन करके पानी पीकर पानी के पास उगे एक पेड़ की छाया में बैठ गया। अब मंथरा ने पूछा - मित्र मृग, तुम इस उजाड़ जंगल में किससे भयभीत हो गये? क्या, वहाँ शिकारी घूम रहे हैं? हिरण ने उत्तर दिया - कलिंग देश में रुक्मांगद नाम का एक राजा है। अपने क्षेत्र की विजय के क्रम में वह यहाँ आया है और अपनी सेना के साथ चंद्रभागा के तट पर डेरा डालकर रहता है। और सैनिक के मुख से यह अफवाह सुनने को मिलती है कि कल वह अवश्य आकर कर्पुरा झील के पास अपना निवास स्थान लेगा। अत: इस तथ्य को ध्यान में रखते हुए कि कल यहां हमारा निवास खतरे में है, समय की मांग के अनुरूप कार्य करें। यह सुनकर कछुआ घबराकर बोला - मैं दूसरा तालाब बनवाऊंगा। कौए और हिरणी ने भी कहा - ऐसा ही होने दो। तब हिरण्यक ने मुस्कुराते हुए कहा - मंथरा के साथ तो सब ठीक हो जाएगा जब दूसरे तालाब तक पहुंच जाएगी, लेकिन जमीन पर रेंगते हुए उसके पास सुरक्षा का क्या साधन है? क्योंकि, जल जलीय जंतुओं की सबसे बड़ी ताकत है, जो लोग आदतन किले में रहते हैं उनके लिए किला है, जानवरों और अन्य जानवरों के लिए उनकी भूमि है और राजाओं का मंत्री है।
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