क्योंकि जो प्यास से व्याकुल होता है उसके लिये सौ योजन (800 मील) भी कोई दूरी नहीं है; जबकि वह, जो संतुष्ट है, उसे उस चीज़ की भी कोई परवाह नहीं है जो वास्तव में उसके हाथ में है।
पूरा ग्रंथ पढ़ें
हितोपदेश के सभी अध्याय और श्लोकों को उनके अर्थ और व्याख्या सहित पढ़ने के लिए Krishjan ऐप इंस्टॉल करें। ऐप में आपको संरचित अध्याय, आसान नेविगेशन और ऑफलाइन पढ़ने की सुविधा मिलती है।
सभी अध्याय उपलब्ध
हितोपदेश के 18 अध्याय और सभी श्लोक एक ही स्थान पर।