मुख्य पृष्ठ शास्त्र परिचय ऐप इंस्टॉल करें
हितोपदेश • अध्याय 2 • श्लोक 129
अपि च । आयुर्वित्तं गृहच्छिद्रं मन्त्रमैथुनभेषजम् । तपो दानापानं च नव गोप्यानि यत्नतः ॥
इसके अलावा जीवन की अवधि, धन की मात्रा, पारिवारिक रहस्य, आकर्षण, दांपत्य सुख, औषधि, तपस्या, दान और किसी का अपमान - इन नौ चीजों को सावधानी से छिपाना चाहिए।
पूरा ग्रंथ पढ़ें
हितोपदेश के सभी अध्याय और श्लोकों को उनके अर्थ और व्याख्या सहित पढ़ने के लिए Krishjan ऐप इंस्टॉल करें। ऐप में आपको संरचित अध्याय, आसान नेविगेशन और ऑफलाइन पढ़ने की सुविधा मिलती है।

सभी अध्याय उपलब्ध

हितोपदेश के 18 अध्याय और सभी श्लोक एक ही स्थान पर।

सरल अर्थ

प्रत्येक श्लोक के साथ स्पष्ट हिंदी अनुवाद।

ऑफलाइन पढ़ें

इंटरनेट के बिना भी ग्रंथ पढ़ें।
Krishjan
धर्म का अन्वेषण
ऐप इंस्टॉल करें