अपरं च । घृतकुम्भसमा नारी तप्ताङ्गारसमः पुमान् ।
तस्माद् घृतं च वह्निं च नैकत्र स्थापयेद् बुधः ॥
फिर, एक महिला घी के बर्तन के समान होती है, जबकि एक पुरुष जीवित कोयले की तरह होता है। इसलिए बुद्धिमान व्यक्ति को इन दोनों को एक साथ नहीं रखना चाहिए।
पूरा ग्रंथ पढ़ें
हितोपदेश के सभी अध्याय और श्लोकों को उनके अर्थ और व्याख्या सहित पढ़ने के लिए Krishjan ऐप इंस्टॉल करें। ऐप में आपको संरचित अध्याय, आसान नेविगेशन और ऑफलाइन पढ़ने की सुविधा मिलती है।
सभी अध्याय उपलब्ध
हितोपदेश के 18 अध्याय और सभी श्लोक एक ही स्थान पर।