कंठ को सिकोड़कर दोनों नाड़ियों को मजबूती से रोकना चाहिए। इसे मध्य सर्किट या केंद्र (मध्य चक्र) कहा जाता है, और यह 16 आधारों (अर्थात्, महत्वपूर्ण भागों) को रोकता है।
पूरा ग्रंथ पढ़ें
हठयोग प्रदीपिका के सभी अध्याय और श्लोकों को उनके अर्थ और व्याख्या सहित पढ़ने के लिए Krishjan ऐप इंस्टॉल करें। ऐप में आपको संरचित अध्याय, आसान नेविगेशन और ऑफलाइन पढ़ने की सुविधा मिलती है।
सभी अध्याय उपलब्ध
हठयोग प्रदीपिका के 18 अध्याय और सभी श्लोक एक ही स्थान पर।