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हठयोग प्रदीपिका • अध्याय 3 • श्लोक 34
सनुही-पत्र-निभं शस्त्रं सुतीक्ष्ह्णं सनिग्ध-निर्मलम | समादाय ततस्तेन रोम-मात्रं समुछ्छिनेत ||
कैक्टस के पत्ते के आकार का तेज, चिकना और साफ यंत्र लेकर जीभ के अग्र भाग को एक बार में थोड़ा (बालों की मोटाई जितना) काट लेना चाहिए।
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