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हठयोग प्रदीपिका • अध्याय 3 • श्लोक 12
ॠज्वीभूता तथा शक्तिः कुण्डली सहसा भवेत | तदा सा मरणावस्था जायते दविपुटाश्रया ||
तब कुण्डलिनी मृत सी हो जाती है और इडा और पिंगला दोनों को छोड़कर सुषुम्ना (मध्य मार्ग) में प्रवेश करती है।
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