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हठयोग प्रदीपिका • अध्याय 3 • श्लोक 100
तस्याः किंछिद्रजो नाशं न गछ्छति न संशयः | तस्याः शरीरे नादश्छ बिन्दुतामेव गछ्छति ||
इसमें कोई संदेह नहीं है कि उसकी कुछ धूल नष्ट नहीं होगी। उसके बदन में नाद बूँद बनने वाला है।
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