मुख्य पृष्ठ शास्त्र परिचय ऐप इंस्टॉल करें
हठयोग प्रदीपिका • अध्याय 2 • श्लोक 64
यथोदरं भवेत्पूर्णमनिलेन तथा लघु | धारयेन्नासिकां मध्या-तर्जनीभ्यां विना दॄढम ||
बायीं नासिका को बंद करने के लिए नाक के बायीं ओर अंगूठे को दबा कर दायीं नासिका से वायु खींचनी चाहिए; और जब पूरा भर जाए, तो इसे चौथी उंगली (छोटी उंगली के बगल वाली) से बंद कर दिया जाना चाहिए और सीमित रखा जाना चाहिए।
पूरा ग्रंथ पढ़ें
हठयोग प्रदीपिका के सभी अध्याय और श्लोकों को उनके अर्थ और व्याख्या सहित पढ़ने के लिए Krishjan ऐप इंस्टॉल करें। ऐप में आपको संरचित अध्याय, आसान नेविगेशन और ऑफलाइन पढ़ने की सुविधा मिलती है।

सभी अध्याय उपलब्ध

हठयोग प्रदीपिका के 18 अध्याय और सभी श्लोक एक ही स्थान पर।

सरल अर्थ

प्रत्येक श्लोक के साथ स्पष्ट हिंदी अनुवाद।

ऑफलाइन पढ़ें

इंटरनेट के बिना भी ग्रंथ पढ़ें।
Krishjan
धर्म का अन्वेषण
ऐप इंस्टॉल करें