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हठयोग प्रदीपिका • अध्याय 2 • श्लोक 63
तथैव सव-शरीर-सथं छालयेत्पवनं धिया | यदा शरमो भवेद्देहे तदा सूर्येण पूरयेत ||
इसी प्रकार थकान अनुभव होने पर शरीर की वायु को सूझबूझ से भरकर सूर्य के माध्यम से चलाना चाहिए।
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