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हठयोग प्रदीपिका • अध्याय 2 • श्लोक 60
सम्यक्पद्मासनं बद्ध्वा सम-गरीवोदरः सुधीः | मुखं संयम्य यत्नेन पराणं घराणेन रेछयेत ||
पद्मासन लगाकर शरीर को सीधा रखते हुए मुंह को सावधानी से बंद करके नाक से वायु को बाहर निकलने दें।
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