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हठयोग प्रदीपिका • अध्याय 2 • श्लोक 44
अथ कुम्भक-भेदाः सूर्य-भेदनमुज्जायी सीत्कारी शीतली तथा | भस्त्रिका भरामरी मूर्छ्छा पलाविनीत्यष्ह्ट-कुम्भकाः ||
कुम्भक आठ प्रकार के होते हैं, सूर्य भेदन, उज्जायी, सीतकरी, शीतली, भस्त्रिका, भ्रामरी, मूर्छा और प्लाविनी।
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