यदि बायीं नासिका से वायु खींची जाए तो उसे फिर से दूसरी नासिका से बाहर निकाल देनी चाहिए और दायीं नासिका से भरकर वहीं रोककर बायीं नासिका से बाहर निकाल देनी चाहिए। इस प्रकार अभ्यास करने से, बारी-बारी से दाएं और बाएं नथुने से, यमियों (अभ्यास करने वालों) की नाड़ियों का संग्रह 3 महीने और उससे अधिक के बाद शुद्ध हो जाता है, अर्थात अशुद्धियों से मुक्त हो जाता है।
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