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हठयोग प्रदीपिका • अध्याय 1 • श्लोक 40
यमेष्ह्विव मिताहारमहिंसा नियमेष्ह्विव | मुख्यं सर्वासनेष्ह्वेकं सिद्धाः सिद्धासनं विदुः ||
जिस प्रकार यमों में अन्न की बचत और नियमों में अहिंसा है, उसी प्रकार सिद्धासन को सभी आसनों में श्रेष्ठ सिद्धासन कहा जाता है।
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