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हठयोग प्रदीपिका • अध्याय 1 • श्लोक 15
अत्याहारः परयासश्छ परजल्पो नियमाग्रहः | जन-सङ्गश्छ लौल्यं छ षहड्भिर्योगो विनश्यति ||
योग निम्न छह कारणों से नष्ट होता है:- अधिक भोजन करना, परिश्रम करना, वाकपटुता, नियम का पालन करना अर्थात् प्रात:काल ठण्डा स्नान करना, रात्रि में भोजन करना या केवल फल खाना, पुरुषों का संग और अस्थिरता।
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