जब घर का धुआँ शांत हो चुका हो, ओखली-मूसल का कार्य समाप्त हो गया हो, अंगारे बुझ चुके हों, घर के लोग भोजन कर चुके हों और भोजन के पात्र हटा दिए गए हों, तब मुनि को भिक्षा की इच्छा करनी चाहिए।
पूरा ग्रंथ पढ़ें
हारीतगीता के सभी अध्याय और श्लोकों को उनके अर्थ और व्याख्या सहित पढ़ने के लिए Krishjan ऐप इंस्टॉल करें। ऐप में आपको संरचित अध्याय, आसान नेविगेशन और ऑफलाइन पढ़ने की सुविधा मिलती है।
सभी अध्याय उपलब्ध
हारीतगीता के 18 अध्याय और सभी श्लोक एक ही स्थान पर।