भगवान् श्रीकृष्ण ने कहा - प्रिय उद्धव! सनकादि परमर्षि ब्रह्माजी के मानस पुत्र हैं। उन्होंने एक बार अपने पिता से योग की सूक्ष्म अन्तिम सीमा के सम्बन्ध में इस प्रकार प्रश्न किया था।
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