कथितं स्थूलध्यानं तु तेजोध्यानं शृणुष्व मे ।
यङ्ष्यानेन योगसिद्धिरात्मप्रत्यक्षमेव च ॥
स्थूलध्यान कहने के बाद अब ज्योतिध्यान को सुनो, जिसके ध्यान से योगसिद्धि और आत्मसिद्धि का प्रत्यक्ष. होता है।
पूरा ग्रंथ पढ़ें
घेरण्ड संहिता के सभी अध्याय और श्लोकों को उनके अर्थ और व्याख्या सहित पढ़ने के लिए Krishjan ऐप इंस्टॉल करें। ऐप में आपको संरचित अध्याय, आसान नेविगेशन और ऑफलाइन पढ़ने की सुविधा मिलती है।
सभी अध्याय उपलब्ध
घेरण्ड संहिता के 18 अध्याय और सभी श्लोक एक ही स्थान पर।