शुक्लपुष्पमयं माल्यं रक्तशक्तिसमन्वितम् ।
एवं विधगुरुध्यानात् स्थूलध्यानं प्रसिध्यति ॥
श्वेतपुष्प की माला वे पहने हैं, लाल वर्ण की शक्ति से सुशोभित हैं, इस प्रकार गुरु के ध्यान से स्थूल ध्यान सधता है।
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