केवलीपष्टधां कुर्याद् यामे यामे दिने दिने ।
अथवा पञ्चधा कुर्याद् यथा तत् कथयामि ते ॥
केवल कुम्भक प्रतिदिन आठ बार प्रहर-प्रहर में करना चाहिये अथवा पाँच बार (प्राणायाम साधना) करे, जैसा मैं तुमसे बताता हूँ।
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