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घेरण्ड संहिता • अध्याय 5 • श्लोक 9
वसन्ते शरदि प्रोक्तं योगारम्भं समाचरेत्‌ । तथायोगी भवेत्‌ सिद्धो रोगान्मुक्तो भवेद्‌ ध्रुवम्‌ ॥
वसन्त और शरद ऋतु में योग का आरंभ करना चाहिये। इससे योगी सिद्ध होता है तथा निश्चय ही रोगमुक्त होता है।
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