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घेरण्ड संहिता • अध्याय 5 • श्लोक 89
यावज्जीवो जपेन्मन्त्रमजपासङ्ख्यकेवलम्‌ । अद्यावधि धृतं सङ्ख्याविभ्रमं केवलीकृते ॥
जब तक जीये, तक तक केवल अजपा को संख्यावत जपे। अब तक जो संख्या (मात्रा) बतायी हे, उस प्रकार विभ्रम और केवली करने पर (सिद्धि प्राप्त होती है)।
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