त्रिवारं साधयेदेनं भस्त्रिकाकुम्भकं सुधीः ।
च रोगो न क्लेशश्च आरोग्यं च दिने दिने ॥
इस भस्रिका कुंभक को बुद्धिमान तीन बार साधे। इससे न रोग और न क्लेश होता है तथा दिन-दिन आरोग्य प्राप्त होता है।
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