उज्जायीकुम्भकं कृत्वा सर्वकार्याणि साधयेत् ।
न भवेत् कफरोगश्च क्रूरवायुरजीर्णकम् ॥
उज्जायी कुंभक को करके सब कार्यो को साधना चाहिये इससे कफरोग, वायु और अजीर्ण नहीं होता।
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