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घेरण्ड संहिता • अध्याय 5 • श्लोक 61
व्यानो व्याप्य शरीरे तु प्रधानाः पञ्च वायवः । प्राणाद्या: पञ्च विख्याता नागाद्या: पञ्च वायवः ॥
व्यानवायु पूर्ण शरीर में व्यापता है। ये पंच प्राणादिवायु प्रमुख हैं और नागादि पाँच वायु गौण हैं।
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